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    वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में हिंदू कार्यकर्ता को जान से मारने की धमकी, धर्मांतरण का विरोध करने पर फतवे जारी

    1 day ago

    पाकिस्तान में अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए काम कर रहे हिंदू कार्यकर्ता शिवा कच्छी ने कहा है कि उनकी जान को खतरा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो पोस्ट कर आरोप लगाया कि एक इस्लामी संगठन ने उनके खिलाफ हत्या की धमकियां दी हैं। शिवा कच्छी का कहना है कि उन्होंने हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ आवाज उठाई। इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस इस पूरे मामले में खामोश हैं। शिवा कच्छी पाकिस्तान में अल्पसंख्यक अधिकार संगठन के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान से जुड़े मौलवियों ने उनके खिलाफ फतवे जारी कर हत्या की अपील की है। कच्छी ने कहा कि उन्होंने कई बार संघीय सरकार, सिंध सरकार और पुलिस को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 18 जनवरी को शिवा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, यूएन मानवाधिकार परिषद, एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच और अमेरिका के विदेश विभाग को टैग किया। उन्होंने X पर लिखा, “अगर मुझे या मेरे परिवार को कोई नुकसान होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पाकिस्तान राज्य की होगी।” उन्होंने तुरंत सुरक्षा, धमकी देने वालों पर आपराधिक कार्रवाई और पाकिस्तान में “फतवा की राजनीति” खत्म करने की मांग की। शिवा कच्छी लंबे समय से सिंध प्रांत में नाबालिग हिंदू लड़कियों और विवाहित महिलाओं के अपहरण और जबरन धर्मांतरण के मामलों को रिकॉर्ड कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें “इस्लाम विरोधी” और “राज्य विरोधी” कहकर बदनाम किया जा रहा है। उमरकोट जिला पाकिस्तान का एकमात्र हिंदू बहुल जिला है। 2023 की जनगणना के मुताबिक यहां करीब 52% आबादी हिंदू है। पूरे पाकिस्तान के लगभग 94% हिंदू सिंध में रहते हैं, जिनकी कुल संख्या 40 से 50 लाख के बीच बताई जाती है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि पाकिस्तान में हिंदू, ईसाई और अहमदिया समुदाय लंबे समय से भेदभाव और हिंसा का सामना कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने इस्तीफा दिया, प्रधानमंत्री पद का चुनाव लड़ेंगे नेपाल की राजधानी काठमांडू के मेयर बालेन्द्र शाह (बालेन शाह) ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह फैसला 5 मार्च को होने वाले आम चुनाव लड़ने के लिए किया है। बालेन शाह पहले एक रैपर थे और अब राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने जा रही है। इस्तीफा देने के करीब एक घंटे बाद ही बालेन पार्टी मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी अध्यक्ष रबी लामिछाने के साथ घंटी बजाई। इस दौरान वहां मौजूद लोग उनका नाम लेकर नारे लगा रहे थे। उसी दिन उन्होंने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में सीनियर नेता की जिम्मेदारी भी संभाल ली। अपने लेटर में बालेन शाह ने लिखा कि उन्होंने नेपाल के संविधान और काठमांडू नगरपालिका के नियमों के मुताबिक मर्जी से पद छोड़ा है। उन्होंने कहा कि मेयर रहते हुए उन्होंने शहर और यहां के लोगों के लिए ईमानदारी से काम करने की कोशिश की। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में नगरपालिका का प्रशासन और विकास कार्य ज्यादा प्रभावी और पारदर्शी होंगे। 28 दिसंबर को बालेन शाह और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत तय हुआ कि बालेन को पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाएगा। वहीं रबी लामिछाने पार्टी के अध्यक्ष बने रहेंगे। चुनाव के बाद बालेन को पार्टी का संसदीय नेता भी बनाया जाएगा। ट्रम्प के सलाहकार बोले- भारत में AI के लिए अमेरिकी क्यों पमेंट कर रहे; पहले भारत को टैरिफ महाराज बताया था अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने एक बार फिर भारत पर सवाल उठाए हैं। इस बार उन्होंने कहा कि जब ChatGPT जैसे AI प्लेटफॉर्म अमेरिका में काम कर रहे हैं, तो अमेरिकी लोग भारत में AI सेवाओं के लिए पैसा क्यों दे रहे हैं। नवारो ने यह बात पूर्व व्हाइट हाउस रणनीतिकार स्टीव बैनन के साथ 'रियल अमेरिका वॉइस' पर एक इंटरव्यू में कही। नवारो ने कहा कि AI प्लेटफॉर्म अमेरिका की जमीन पर बनाए और चलाए जा रहे हैं और इनमें अमेरिकी बिजली का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन इनके बड़े उपयोगकर्ता भारत, चीन और दुनिया के दूसरे देशों में हैं। उन्होंने इसे व्यापार से जुड़ा एक मुद्दा बताया और कहा कि इस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। उनके ये बयान ऐसे समय आए हैं जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापार को लेकर तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर कई दौर की बातचीत हुई है। इसके बावजूद ट्रम्प ने भारत से आने वाले सामान पर 50% टैरिफ लगा दिया है। अमेरिका का कहना है कि भारत अब भी रूस से तेल खरीद रहा है, इसलिए यह कदम उठाया गया। नवारो ने अमेरिका की कृषि भूमि को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी ग्रुप्स अमेरिकी खेतों की जमीन असली कीमत से कई गुना ज्यादा दाम पर खरीद रहे हैं। उनका कहना है कि इससे अमेरिका में खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। यह पहली बार नहीं है जब नवारो ने भारत की आलोचना की हो। वह पहले भी भारत पर रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर निशाना साधते रहे हैं। उनका कहना है कि इससे यूक्रेन युद्ध में रूस को मदद मिलती है। नवारो कई बार भारत को टैरिफ का महाराजा भी कह चुके हैं। पहले भी भारतीय सामानों पर लगाए गए भारी टैरिफ का बचाव करते हुए नवारो ने कहा था कि यह फैसला व्यापार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने कहा था कि भारत का रूस से तेल खरीदना बंद न करना अमेरिका के लिए सुरक्षा का मुद्दा है। यूरोपीय यूनियन और दक्षिण अमेरिकी व्यापार संघ के बीच ट्रेड डील, 25 साल बातचीत चली थी, अब तक की सबसे बड़ी डील यूरोपीय यूनियन (EU) और दक्षिण अमेरिकी व्यापार संघ मर्कोसुर ने शनिवार को मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह EU का अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है, जो 25 साल की लंबी बातचीत के बाद साइन हुआ है। यह समझौता टैरिफ कम करने और दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए बनाया गया है। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, इस समझौते से अर्जेंटीना के बीफ से लेकर जर्मनी की कारों तक के उत्पादों पर 90% से ज्यादा टैक्स खत्म हो जाएगा। यह दुनिया के सबसे बड़े मुक्त व्यापार क्षेत्रों में से एक बनेगा, जिससे 7 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं के लिए चीजें सस्ती हो जाएंगी। अब इसे यूरोपीय संसद की मंजूरी और मर्कोसुर के सदस्यों अर्जेंटीना, ब्राजील, पैराग्वे और उरुग्वे की विधायिकाओं की मंजूरी मिलनी बाकि है। EU के निर्यात में ज्यादातर मशीन, केमिकल और ट्रांसपोर्ट से जुड़े सामान शामिल हैं, जबकि मर्कोसुर ज्यादातर कृषि सामान, खनिज, लकड़ी और कागज का निर्यात करेगा। सौदे के समर्थन में अधिकांश यूरोपीय देशों ने हरी झंडी दी, हालांकि किसान और पर्यावरण समूह सस्ते दक्षिण अमेरिकी आयात और वनों की कटाई को लेकर चिंतित हैं। कराची के शॉपिंग मॉल में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लगी, 3 लोगों की मौत, 7 घायल पाकिस्तान के कराची में शनिवार को एक शॉपिंग मॉल में अचानक भीषण आग लगने से 3 लोगों की मौत हो गई। जबकि 7 अन्य लोग घायल हो गए हैं। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। ANI की रिपोर्ट के अुनसार, आग एक दुकान से शुरू होकर पूरे मॉल में फैल गई। मौके पर 7 फायर ब्रिगेड पहुंची, जिन्होंने आग पर काबू पाया। इलाके के सिविल अस्पताल को भी अलर्ट पर रखा गया था। बचावदल ने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और राहत-बचाव कार्य में मदद की। सिंध के गवर्नर कमरान टेसोरी ने घटना पर चिंता जताई। उन्होंने मामले की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी। वहीं सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजार ने ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट करने को कहा और जांच के निर्देश दे दिए हैं। एक दिन पहले कराची पोर्ट ट्रस्ट में भी आग लगी थी, जिसमें 20 से ज्यादा कंटेनर जल गए थे। इनमें से ज्यादातर में इलेक्ट्रिक बैटरियां भरी हुई थीं। सीरिया में अमेरिका का तीसरा हमला, ISIS से जुड़े आतंकी लीडर की मौत अमेरिका ने सीरिया में एक और जवाबी हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक उत्तर-पश्चिम सीरिया में हुए इस हमले में एक आतंकी लीडर मारा गया, जिसका संबंध उस इस्लामिक स्टेट (ISIS) हमले से था, जिसमें पिछले महीने दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया मारे गए थे। CENTCOM ने बताया कि शुक्रवार को किए गए हवाई हमले में बिलाल हसन अल-जसीम मारा गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार वह एक अनुभवी आतंकी ऑपरेटिव था और 13 दिसंबर को हुए हमले से सीधे तौर पर जुड़ा था। इस हमले में अमेरिकी सेना के सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस-टोवर, सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड और सिविलियन इंटरप्रेटर अयाद मंसूर साकत की मौत हुई थी। CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बयान में कहा- तीन अमेरिकियों की मौत से जुड़े आतंकी की हत्या यह दिखाती है कि अमेरिकी सेना पर हमला करने वालों का हम पीछा करना जारी रखेंगे। अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों को निशाना बनाने वालों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है। सर्बिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ हजारों छात्रों का प्रदर्शन, सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया नवी साद (सर्बिया) में शनिवार को हजारों लोग सड़कों पर उतरे। यूनिवर्सिटी छात्रों के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए और राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वूचिच के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया। प्रदर्शनकारियों ने “चोर-चोर” के नारे लगाते हुए सरकार पर व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। छात्रों का कहना है कि नवंबर 2024 में नवी साद के रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे, जिसमें 16 लोगों की मौत हुई थी, उसके पीछे भी सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। इसी घटना के बाद देशभर में आंदोलन तेज हुआ। छात्रों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति वूचिच ने उनकी मांग के बावजूद समय से पहले चुनाव कराने से इनकार कर दिया है। आंदोलन के दौरान सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि कई लोगों ने नौकरी जाने या दबाव का सामना करने की बात कही है। ट्रम्प के बयानों के खिलाफ ग्रीनलैंड में हजारों लोग सड़कों पर उतरे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने से जुड़े बयानों के खिलाफ शनिवार को हजारों ग्रीनलैंडवासी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने 'ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है' के नारे लगाए और अपनी स्वशासन व्यवस्था के समर्थन में मार्च किया। बर्फ और बर्फीली सड़कों के बीच प्रदर्शनकारी ग्रीनलैंड की राजधानी नूक के डाउनटाउन से अमेरिकी वाणिज्य दूतावास तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय झंडे लहराए और विरोधी पोस्टर थामे रहे। पुलिस के मुताबिक यह अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है, जिसमें नूक की लगभग एक-चौथाई आबादी शामिल हुई। प्रदर्शन के दौरान ही खबर आई कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने फरवरी से आठ यूरोपीय देशों से आयात होने वाले सामान पर 10% टैक्स लगाने की घोषणा की है। यह फैसला उन देशों के ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण के विरोध से जोड़ा जा रहा है।
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