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    वर्ल्ड अपडेट्स:ब्रिटिश पीएम बोले- विपक्ष के पास कामसूत्र से ज्यादा पोजिशन थीं, ये थक गए हैं

    3 days ago

    ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की संसद में दिए गए एक बयान पर आलोचना हो रही है। उन्होंने बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान एक मजाक किया था, जिसमें कामसूत्र का जिक्र था। इस बयान को कई लोगों ने गलत और असंवेदनशील बताया। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कीर स्टार्मर की लेबर सरकार अपनी नीतियों में बार-बार बदलाव को लेकर दबाव में है। विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी की नेता केमी बेडनॉक ने सरकार की पॉलिसियों में बार बार होन वाले बदलाव पर सवाल उठाए थे। इस पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा- '14 साल में इनके पास कामसूत्र से भी ज्यादा पोजिशन थीं। कोई हैरानी नहीं कि ये थक गए हैं, इन्होंने देश को भी बिगाड़ कर छोड़ दिया।' इस बयान के बाद सदन में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। विपक्ष ने इस बयान पर प्रधानमंत्री पर तंज किया और कहा कि इतने गंभीर मुद्दों पर मजाक करना ठीक नहीं है। कुछ लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री संसद और जनता के माहौल को सही तरह से नहीं समझ पाए। यह विवाद ऐसे वक्त सामने आया है जब लेबर पार्टी अपनी नीतियों को लेकर पहले से ही जांच के घेरे में है। खासकर डिजिटल आईडी जैसे मुद्दों पर सरकार के रुख में बदलाव को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। डिजिटल आईडी योजना को पहली बार सितंबर 2025 में पेश किया गया था। इसका मकसद ब्रिटेन में लोगों के काम करने के अधिकार की जांच करना था। शुरुआत में सरकार इसे सभी के लिए अनिवार्य बनाना चाहती थी, लेकिन विपक्ष और जनता ने कड़ा विरोध किया। लोगों को डर था कि इससे मजदूरों की निजी जानकारी सुरक्षित नहीं रहेगी। लोगों का कहना है कि इस योजना के जरिए लोगों के वैक्सीन की जानकारी, कार्बन फुटप्रिंट और टैवल हिस्ट्री पर भी नजर रखी जा सकती है, जिससे जरूरी सेवाओं और आने-जाने की आजादी पर असर पड़ सकता है। अंतराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… वेनेजुएला की विपक्षी नेता माचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मैडल ट्रम्प को दिया वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो ने दावा किया कि उन्होंने अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मैडल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सभी पुरस्कार के रूप में पेश किया ताकि वह उनके देश की आजादी के प्रति ट्रम्प की विशिष्ट प्रतिबद्धता को मान्यता दे सकें। उन्होंने यह बात व्हाइट हाउस की बैठक के बाद रि‍पोर्टरों से कही। पर यह साफ नहीं है कि ट्रंप ने मैडल स्वीकार किया या नहीं। माचाडो ने ट्रम्प से उनके देश के भविष्य पर चर्चा की, हालांकि ट्रंप पहले ही उनकी क्षमता पर संदेह जता चुके हैं कि वे वेनेज़ुएला की अगली नेता बन पाएंगी। बैठक के बाद माचाडो ने समर्थकों को गले लगाया और कहा कि वे ट्रंप पर भरोसा करती हैं। नोबेल संस्थान ने पहले ही स्पष्ट किया था कि नोबेल शांति पुरस्कार को कानूनी रूप से किसी को स्थानांतरित या दिया नहीं जा सकता, यानी यह केवल प्रतीकात्मक था। माचाडो को 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई के लिए। उन्होंने उस पुरस्कार को व्हाइट हाउस में ट्रम्प को “आभार” के रूप में समर्पित करने की इच्छा जताई थी। कनाडा की मांग- भारत गोल्ड चोरी के आरोपी को सौंपे, 2 साल पहले 180 करोड़ का 400 किलो सोना चुराया था कनाडा ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि 2023 में हुई 400 किलो सोने की चोरी के मामले में मुख्य आरोपी सिमरन प्रीत पनेसर को भारत से कनाडा भेजा जाए। पनेसर पर 2023 में टोरंटो पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई सोने के चोरी की साजिश रचने का आरोप है। कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि अपराध करने के बाद वह भारत भाग गया। इसके बाद पनेसर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। 33 साल का पनेसर, पहले एयर कनाडा का कर्मचारी था। पुलिस के मुताबिक, उसने फ्लाइट से शुद्ध सोने की 6,600 ईंटें और लगभग 2.5 मिलियन डॉलर (21 करोड़ रुपए से ज्यादा) की फॉरेन करेंसी चुराई। सोने का कुल वजन करीब 400 किलो था, जिसकी कीमत 180 करोड़ रुपए थी। अधिकारियों ने कहा कि पनेसर ने एयरलाइन सिस्टम से छेड़छाड़ करके चोरी को संभव बनाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय अधिकारी इस अनुरोध पर विचार करेंगे और फिर पनेसर को सौंपने का फैसला लेंगे। इस मामले में कनाडा पुलिस ने 12 जनवरी को अर्सलान चौधरी नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक आरोपी के भारत में होने का दावा किया था। कनाडा में 3 भारतीयों पर बुजुर्ग दंपति की हत्या का आरोप, कमरे में रस्सी से बंधा मिला था शव कनाडा में लगभग तीन साल पहले एक बुजुर्ग दंपति अर्नोल्ड डी जोंग और जोआन डी जोंग की हत्या के मामले में मुकदमा शुरू हो गया है। इसमें तीन भारतीय मूल के युवकों गुरकरण सिंह, अभिजीत सिंह और खुशवीर सिंह टूर पर दो-दो आरोप लगाए गए हैं। तीनों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है। पुलिस के अनुसार, 9 मई 2022 को अर्नोल्ड और जोआन को उनके एबॉट्सफोर्ड स्थित घर में मृत पाया गया था। घटना से एक दिन पहले दंपति ने एक पारिवारिक समारोह आयोजित किया था। अगले दिन सुबह जब उनके दामाद घर पहुंचे तो वहां दंपति के शव मिले। अभियोजन पक्ष की वकील डोरोथी त्सुई ने अदालत को बताया कि हत्या के पीछे आरोपियों का मकसद कर्ज, आर्थिक तंगी और लालच था। अभियोजन पक्ष का कहना है कि अभिजीत सिंह एक क्लीनिंग बिजनेस चलाता था, जिसने जुलाई 2021 और अप्रैल 2022 में डी जोंग दंपति के घर में सफाई का काम किया था। गुरकरण सिंह कनाडा में छात्र वीजा पर 16 अप्रैल 2022 को आया था, यानी हत्या से महज तीन हफ्ते पहले। हत्या के तुरंत बाद गुरकरण सिंह और खुशवीर सिंह टूर ने अपने बैंक खातों में 3,601 डॉलर के दो चेक जमा कराए। इन चेक पर जोआन डी जोंग के हस्ताक्षर से थे और इनमें लिखा था कि यह राशि क्लीनिंग सर्विस के लिए है। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, अर्नोल्ड को एक कमरे में रस्सी से हाथ-पैर बंधे हुए पाया गया और उनके सिर पर टेप लपेटा गया था, जो उनके नाक-मुंह को पूरी तरह ढक रहा था। जोआन को दूसरे कमरे में पीठ के बल लेटे हुए मिलीं, जिनके सिर और गर्दन के आसपास खून था। पैथोलॉजिस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अर्नोल्ड की मौत दम घुटने से हुई, जबकि जोआन की मौत चोटों के कारण हुई।
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